
पांचवीं कड़ी का विषय था-“भारतीय आर्थिक विचारधारा : भूमि, वन, कृषि, उद्योग एवं व्यापार”
एल. बी. एस. एम. कॉलेज, जमशेदपुर, के इतिहास विभाग द्वारा आज 27 मई (शनिवार) को नई शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के अधीन व्याख्यानमाला की पांचवीं कड़ी का आयोजन किया गया, जिसका विषय “भारतीय आर्थिक विचारधारा : भूमि, वन, कृषि, उद्योग एवं व्यापार” था। व्याख्यानमाला की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा के द्वारा की गई। मुख्यवक्ता के रूप में डॉ. एस. के. सिंह, सहायक प्राध्यापक, करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर ने विषय पर अपना व्याख्यान दिया।
मानव सभ्यता का प्राम्भिक विकास नदी के तटों पर हुआ, परन्तु…
व्याख्यानमाला की अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्राचार्य डॉ. ए. के. झा ने विषय पर अपना विचार रखते हुए कहा कि प्राचीन भारत की अर्थव्यवस्था आवश्यकता पर आधारित थी जबकि आज की अर्थव्यवस्था लालच पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि मानव सभ्यता का प्राम्भिक विकास नदी के तटों पर हुआ, परन्तु अपनी लालच के कारण उसने प्राकृतिक संसाधनों को पूरी विनष्ट कर डाला। मुख्यवक्ता के रूप में डॉ. एस. एन. सिंह ने भारतीय आर्थिक विचारधारा के अंतर्गत भूमि, वन, कृषि, उद्योग एवं व्यापार के विभिन्न पक्षों का वर्णन किया। मंच का संचालन डॉ. नूपुर रॉय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मोहन साहू ने किया। इस अवसर पर डॉ. शबनम परवीन, डॉ. सुधीर कुमार, प्रो. रितु, डॉ. प्रशांत, प्रो. प्रमिला किस्कू, डॉ. रानी आदि के अतिरिक्त सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

शशांक शेखर विगत 30 वर्षों से पत्रकारिता, आकाशवाणी व सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं साथ ही लघु/फीचर फिल्मों व वृत्त चित्रों के लिए कथा-लेखन का कार्य भी विगत डेढ़ दशकों से कर रहे हैं. मशाल न्यूज़ में पिछले लगभग ढाई वर्षों से कार्यरत हैं.
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