
किसान शुभ करण सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया गया
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा का संयुक्त मंचकोल्हान के तत्वावधान में आज 23 फरवरी को साकची गोलचक्कर पर किसान आन्दोलन के समर्थन में और केन्द्र सरकार की दमनकारी नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया गया. इसमें ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा का संयुक्त मंच ने पुलिस कार्रवाई में किसान शुभ करण सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया। खनौरी और शंभू सीमाओं पर हरियाणा पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज, प्लास्टिक की गोलियों और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल और उत्पीड़न के कारण अब तक हुई तीन मौतें, सैकड़ों घायल और सैकड़ों ट्रैक्टरों का नुकसान होने की कड़ी निंदा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर एवं राज्य के गृहमंत्री अनिल विज के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज करने , जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने, शोक संतप्त परिवार को मुआवजे तथा पूरे प्रकरण का सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही पूरे भारत में काला दिवस के रूप में मनाया गया।
जनता और देश बचाने के लिए वैकल्पिक नीति की मुहिम
जनता और देश बचाने के लिए वैकल्पिक नीति की मुहिम के तहत आम जनता, किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर जारी जन संपर्क एवं जन कार्रवाई की अगली कड़ी में आज ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों के संयुक्त मंच ने, किसानों पर केंद्र और हरियाणा सरकार के अत्याचारों पर आक्रोश उद्गार करते हुए आज देशभर में काला दिवस मनाया। आज इस इस अखिल भारतीय कार्यक्रम के तहत ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के ओर से बिरसा चौक साकची में विरोध प्रदर्शन एवं नुक्कड़ सभा की गई।
युवा किसान शुभ करण सिंह सहित तीन किसानों का मौत
संयुक्त मंच की ओर से यह बताया गया कि तीन कृषि कानून वापस लेने के वक्त किसानों से किए गए वादे पूरा किए जाने के मांगों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा लाठीचार्ज, प्लास्टिक की गोलियों और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल, किसानों के साथ दुश्मन सैनिकों की तरह व्यवहार और उत्पीड़न के कारण युवा किसान शुभ करण सिंह सहित तीन किसानों का मौत, सैकड़ों घायल और सैकड़ों ट्रैक्टरों का नुकसान ‘किसान-हितैषी’ होने का दावा करने वाले भाजपा नेतृत्व वाली सरकार का असली चरित्र उजागर करती है। केंद्र में सत्तारूढ़ शासन और राज्यों में सत्तारूढ़ उनकी पार्टी किसी भी विरोध को कुचलने के लिए सभी तरीकों का इस्तेमाल करने की साजिश कर रही है और सभी प्रकार के गैरकानूनी तारीकों का उपयोग करने पर आमादा है।
प्रदर्शनकारियों पर गंभीर दमन करने की साजिश
किसान आंदोलन को अलग-थलग करने और विभाजित करने, पंजाब के लोगों के बीच अलगाव पैदा करने और इस विभाजन का चुनावी लाभ उठाने की कोशिश करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर गंभीर दमन करने की साजिश रचने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर दोषी मानते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से पूरे प्रकरण का न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। तथाकथित डब्ल्यूटीओ का समझौता की प्रतिबद्धता के तहत, किसानों को एमएसपी न देने के साथ-साथ धन के रूप में लाभ के सीधे हस्तांतरण का तर्क देकर पीडीएस को वापस लेने के दोनों प्रस्ताव किसानों, गरीबों और भारत की खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं। इस पृष्ठभूमि में देश और जनहित में भारत सरकार को डब्ल्यूटीओ छोड़ने की भी मांग किया गया है ।
सभी वर्गों से एकजुटता के लिए अपील
मजदूर-किसान एकता और संयुक्त संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराते, मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी इस सरकार जो कॉर्पोरेट सांप्रदायिक सांठगांठ करके मजदूरों तथा किसानों पर अत्याचार को बढ़ावा दे रही है, से लड़ने के लिए छात्रों, युवाओं, महिलाओं, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, छोटे व्यापारियों सहित सभी वर्गों से एकजुटता के लिए अपील की गई है।
आज के कार्यक्रम में श्रीभगवान सिंह, सुमित राय, विश्वजीत देब, ताहिदुल हुसैन, डॉ रामकबिंदर, सरदार शैलेन्द्र सिंह, सिकंदर हेम्ब्रम, कुलबिंदर सिंह पन्नू, आदि नेताओं के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे.
किसान आंदोलन के समर्थन व एमएसपी की मांग को लेकर 5 दिसंबर को नारगा में किसान पंचायत

शशांक शेखर विगत 30 वर्षों से पत्रकारिता, आकाशवाणी व सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं साथ ही लघु/फीचर फिल्मों व वृत्त चित्रों के लिए कथा-लेखन का कार्य भी विगत डेढ़ दशकों से कर रहे हैं. मशाल न्यूज़ में पिछले लगभग ढाई वर्षों से कार्यरत हैं.
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