
टैगलाइन था- हिंसा के खिलाफ हम सब की आवाज ” मुझे नही मेरे अधिकारों को सुरक्षित करो”
जेंडर हिंसा के ख़िलाफ़ सामाजिक संस्था यूथ यूनिटी फ़ॉर वोलंटरी एक्शन (युवा) की ओर से चलाए जा रहे 16 दिवसीय अभियान का आज 10 दिसंबर को बिष्टुपुर के तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में मीडिया संवाद के साथ समापन हुआ. इसका टैगलाइन था- हिंसा के खिलाफ हम सब की आवाज ” मुझे नही मेरे अधिकारों को सुरक्षित करो”
इस मौके पर युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती समेत तमाम सदस्यों के अलावे ख़ास तौर पर दैनिक भास्कर अख़बार के संपादक, ..संजय कुमार मिश्रा, चमकता आईना अख़बार के संपादक जयप्रकाश राय और कई अन्य पत्रकार मौजूद थे.
लक्ष्य प्राप्ति के लिए इस अभियान की पवित्रता कायम रहे-संजय पाण्डेय
आज के इस मीडिया संवाद कार्यक्रम में संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि समय के साथ काफ़ी कुछ बदला है समाज में. मीडिया की भूमिका और जिम्मेदारियां भी बदली है. उन्होंने युवा द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए हरमुमकिन सहयोग का आश्वासन दिया. दैनिक भाष्कर के संपादक …ने कहा कि इस अभियान में भटकाव नहीं आना चाहिए, ध्यान रहे कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए इस अभियान की पवित्रता कायम रहे. ऐसे अभियान सतत चलते रहते हैं, ये कभी ख़त्म नहीं होते. हां, इनमे, वक़्त के साथ पड़ाव ज़रूर आते हैं.
वर्णाली चक्रवर्ती ने मीडिया कर्मियों से अभियान को ऊर्जा देने की अपील की
इससे पहले ‘युवा’ की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विशेष रूप से जेंडर हिंसा और विकलांग महिलाओं की स्थिति काफ़ी चिंताजनक है और युवा का प्रयास है कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए समाज का हर वर्ग आगे आए. उन्होंने बताया कि 25 नवम्बर से 10 दिसंबर के बीच प्रतिवर्ष यह अभियान युवा द्वारा चलाया जाता है. इसके मायने भी ख़ास है, क्योंकि इस दरम्यान 26 नवम्बर को संविधान दिवस, 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता व्यक्ति दिवस और आज 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस रहे. बताया कि अभियान ग्लोबल स्तर पर चल रहा है और महिलाओं लड़कियों और विकलांग लड़कियों के साथ हो रहे हिंसा की पहचान करना और उसके लिए आवाज उठाना और उस आवाज के माध्यम से एक पैरवी करना ।
विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोई बात नहीं करता
वर्णाली चक्रवर्ती ने बताया कि इस 16 दिवस से अभियान के दौरान क्षेत्र में से बहुत सारे मुद्दे लड़कियों, महिला और विकलांग लड़कियों के निकल कर आए आज भी कई ऐसे विकलांग साथी हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं है वोटर कार्ड नहीं है विकलांगता का सर्टिफिकेट नहीं है सुनसान सड़कों पर छेड़छाड़ रोकने के लिए कोई पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी नहीं है, पंचायत भवन में विकलांग साथियों की कोई सूची और योजनाओं की सूची शामिल नहीं है विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोई बात नहीं करता, मीडिया एक कड़ी है एक सहयोगी है पैरवी करने के लिए जो अपनी कलम और कागज का इस्तेमाल कर के हर मुद्दों को आगे तक ला सकते हैं, लेकिन मीडिया को भी भाषा को लेकर जागरूक होने की जरूरत है, जिससे कि वह संवेदनशील होकर बातों को हर स्तर तक पहुंचा सके ।
तमाम अधिकारों से विकलांग जन (महिलाएं) आज भी वंचित-अरुण कुमार सिंह
झारखंड विकलांग मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वे विकलांग हैं, इसलिए वह जानते हैं कि किस तरह की समस्याएं विकलांग साथी महसूस करते हैं और संसाधन तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. विकलांगता के आंकड़े तो बहुत सारे हैं. लेकिन मात्र 200000 लोगों को ही सरकार की ओर से मिलने वाला लाभ मिलता है. बाकी विकलांग साथी छूट जाते हैं. क्योंकि उनका आधार कार्ड नहीं है. वोटर कार्ड नहीं है. बैंक खाता नहीं है. विकलांगता का सर्टिफिकेट नहीं है और सिंगल विंडो काम नहीं होने की वजह से उनको बहुत समस्या होती है , पंचायत स्तर, जिला स्तर, राज्य स्तर पर कमिटियां बनी तो है, लेकिन उसमें विकलांग साथियों को शामिल नहीं किया जाता है ।
Ghumantu Pustakalaya Yatra | Mashal News
विकलांग साथियों के साथ हिंसा व शोषण होता है तो कोई भी उनके साथ खड़ा नहीं होता
श्री सिंह ने कहा कि विकलांगजन अपने साथ हो रहे जुल्म से काफ़ी हताश हैं. सरकार भी इनके लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है. सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और ख़ास तौर पर राजनैतिक अधिकारों से विकलांग जन आज भी वंचित हैं. कई बार विकलांग साथियों के साथ हिंसा व शोषण होता है तो कोई भी उनके साथ खड़ा नहीं होता है और वैसे स्थिति में जब वह बोल नहीं सकती देख नहीं सकती । कहा कि सबको मिलकर बात करने की जरूरत है तभी बदलाव की राह पर एक पहल की जा सकती है । हर क्षेत्र में सहभागिता तो होनी चाहिए राजनीतिक भागीदारी में लड़कियों महिला और विकलांग लड़कियों को मौका देना चाहिए । उन्होंने कहा कि इस राह में मीडिया का अहम रोल है. उन्होंने उपस्थित मीडिया के साथियों से इस अभियान को ऊर्जा देने की अपील की.
कार्यक्रम में दैनिक जागरण से बिरेंद्र कुमार , झारखंड वार्ता से शैलेश जी, SCCN से राजेश सिंह एवं जय प्रकाश राय, लगातार न्यूज़ से धर्मेंद्र जी, मशाल न्यूज़ से शशांक शेखर ने इस अभियान की काफी सराहना की और कहा कि भरपूर सहयोग मुद्दों को आगे ले जाने के लिए करेंगे ।
इस कार्यक्रम में मीडिया के साथी, युवा महिला लीडर एवं विकलांग लड़कियां उपस्थित थी अंत में धन्यवाद ज्ञापन अंजना देवगन किया और कार्यक्रम के समापन की घोषणा की इस कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा के सभी सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई ।

शशांक शेखर विगत 30 वर्षों से पत्रकारिता, आकाशवाणी व सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं साथ ही लघु/फीचर फिल्मों व वृत्त चित्रों के लिए कथा-लेखन का कार्य भी विगत डेढ़ दशकों से कर रहे हैं. मशाल न्यूज़ में पिछले लगभग ढाई वर्षों से कार्यरत हैं.
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