
बिहार के लोग गर्मी से राहत पाने के लिए मानसून का बेसब्री से इंतेजार कर रहे है. अब लगता है बिहार के लोगों का इंतेजार ख़त्म हुआ. मानसून ने दस्तक दे दी है. बिहार में दक्षिण पश्चिम मानसून के आगमन को लेकर मौसम विज्ञानियों का पूर्वानुमान सटीक रहा। प्रदेश में मानसून तय समय यानी 13 जून को पूर्णिया के रास्ते दस्तक दे दी है। वहीं, 15-17 जून के बीच प्रदेश में आंधी-पानी, आकाशीय बिजली चमकने के साथ मानसून की बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है.
बिहार में सीमांचल क्षेत्रों के रास्ते दक्षिण पश्चिम मानसून का आगमन होता है। मानसून आने की निर्धारित तिथि 11-13 जून के आसपास है, जबकि वापसी अक्टूबर में। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2020 के बाद इस बार यानी तीसरे वर्ष भी मानसून अपने निर्धारित तिथि 13 जून को प्रदेश में पहुंचा है। वहीं, 2018 में मानसून सबसे देर से 25 जून को आया था। मानसून की वापसी सबसे देर में 2020 के 21 नवंबर को हुई थी। जून में तलहटी वाले जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। पिछले चार वर्षों से समय पर प्रदेश में मानसून का आगमन होता रहा है। गया और पटना में मानसून आने की मानक तिथि 16 जून, वहीं छपरा में 18 जून है। वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान मानसून प्रवेश के कारण इन जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं।
मानसून की वापसी 10-26 अक्टूबर के बीच होती है
मौसम विज्ञान केंद्र के समीर कुमार ने बताया कि वर्ष 2004 में मानसून दो अक्टूबर को लौटा था। आमतौर पर मानसून की वापसी 10-26 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तिथि पर होती रही है। मौसम विज्ञानी की मानें तो इस वर्ष तराई वाले क्षेत्रों में मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश के आसार हैं।

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