
अब बिहार राज्य में जल्द जमीन संबंधी सभी दस्तावेजों के नकल ऑनलाइन मिलने लगेंगे। फिलहाल यह सुविधा दाखिल-खारिज से संबंधित ऑनलाइन उपलब्ध सभी प्रकार के अभिलेखों कि लिए लागू होगी। आगे दूसरे दस्तावजों के लिए यह व्यवस्था होगी। ऑनलाइन निकाले गये दसतावेजों पर अधिकारी का डिजिटल हस्तारक्षर होगा।
डिजिटल हस्ताक्षर की होगी मान्यता
डिजिटली हस्ताक्षरित नकल की मान्यता हेतु एक प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तैयार कर लिया है। जल्द कैबिनेट की मंजूरी के बाद उम्मीद है कि अगले महीने से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था होने से दस्तावेजों के नकल के लिए ना तो किसी को स्टांप लेना होगा और ना ही किसी दलाल का चक्कर काटना पड़ेगा।
तय राशि का करना होगा भुगतान
ऑनलाइन गेटवे से तय राशि का भुगतान करने के साथ ही दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन मिलने के तीन दिन में दस्तावेज आवेदक को उपलब्ध करा दिया जाएगा। भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने कहा कि अंचल अभिलेख भवनों के जरिए निकट भविष्य में 16 प्रकार के राजस्व दस्तावेज आमलोगों को उपलब्ध कराये जाने हैं।
सभी अभिलेख डीएमएस यानी डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत संधारित किए जा रहे हैं। यह सुविधा भी उसी पर आधारित है। नई व्यवस्था में राशि का भुगतान गेटवे के जरिए किया जाएगा। भुगतान डेबिट या क्रेडिट कार्ड समेत नेट बैंकिंग और भुगतान के दूसरे माध्यमों के जरिए किया जा सकता है। भुगतान दस्तावेज के आकार के आधार पर किया जाना है। प्रति पृष्ठ 10 रुपये से लेकर 150 रुपये दर निर्धारित की गई है।
फिलहाल 5 प्रकार के दस्तावेजों का ही नकल
मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया है फिलहाल 5 प्रकार के दस्तावेजों का नकल उपलब्ध कराये जाएंगे। इनमें वो सभी दस्तावेज शामिल हैं जो जमीन के दाखिल-खारिज से संबंधित हैं और आमलोगों को ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें नामांतरण अभिलेख, शुद्धि पत्र, राजस्व मौजों का नक्श आदि शामिल हैं। जिन-जिन अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा होता जाएगा, वहां से खतियान भी प्राप्त होने लगेगा।
वेब पोर्टल भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय में करे आवेदन
आवेदन के लिए भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय द्वारा एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है। सभी आवेदन इसी पर भेजे जाएंगे जो सेंट्रल सर्वर से छंटकर संबंधित अंचल अधिकारी के लॉगिन में चले जाएंगे। हरेक आवेदक को पोर्टल पर जाकर ओटीपी आधारित अकाउंट बनाना है और आवेदन देना है। भुगतान प्राप्त होने पर संबंधित दस्तावेज डिजिटली साइन होकर उसी अकाउंट में आ जाएगा, जहां से उसे डाउनलोड किया जा सकेगा।
यहां भी पढ़ें : झारखंड में हजारों भिखारी कर रहे वैक्सीनेशन का इंतजार, कितनों को इसकी जानकारी नहीं

Join Mashal News – JSR WhatsApp
Group.
Join Mashal News – SRK WhatsApp
Group.
सच्चाई और जवाबदेही की लड़ाई में हमारा साथ दें। आज ही स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें! PhonePe नंबर: 8969671997 या आप हमारे A/C No. : 201011457454, IFSC: INDB0001424 और बैंक का नाम Indusind Bank को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर कर सकते हैं।
धन्यवाद!