
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. राजेन्द्र भारती ने कहा-संविधान को समझने और आत्मसात करने की जरूरत
छठे दिन सुबह जमशेदपुर के जैम स्ट्रीट में यात्रा का समापन
संविधान के मूल्यों को लेकर लगी पोस्टर प्रदर्शनी
लगी Contitution Tree और लगा Signature board
26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में इस दिवस को मनाने और संवैधानिक मूल्यों और वैज्ञानिक सोच के प्रसार के लिए छह दिवसीय विशेष अभियान के तहत आज 25 नवंबर को काशी साहू कॉलेज में आरम्भ युवा मंच, जमशेदपुर, द टिस्को टेक्निकल प्रोबेटिशनर्स एसोसिएशन की अगुआई में भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA), साइंस फॉर सोसायटी एवं गांधी शान्ति प्रतिष्ठान के सहयोग से संविधान यात्रा के तहत एक दिन का कार्यक्रम किया गया, जिसमें कॉलेज की तरफ़ से आमन्त्रित कोल्हान विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. राजेन्द्र भारती मुख्य अतिथि व वक्ता के रूप में उपस्थित हुए।
संविधान को समझने और आत्मसात करने की जरूरत-डॉ. राजेन्द्र भारती
उन्होंने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों से ही नहीं होगा, बल्कि दैनिक जीवन में इसके मूल्यों को समझने और आत्मसात करने की आवश्यकता है। इसके लिए पहले तो संविधान के गहन अध्ययन के लिए स्वयं एवं औरों को प्रेरित करना होगा।
समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना शेष-डॉ. बी एन प्रसाद
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी एन प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सैद्धांतिक रूप से तो संविधान में हर नागरिक को तमाम अधिकार दिए गए हैं, परन्तु व्यवहारिक रूप से अभी भी समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना शेष है। यह जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने संविधान यात्रा के आयोजन में शामिल तमाम संगठनों के युवाओं की इस पहल की सराहना करते हुए अनवरत ऐसी मुहिम समाज के हर स्तर पर चलाए जाने की आवश्यकता है।
SRUTI, दिल्ली के कमल चन्द ने कहा- संविधान हमें क्या देता है, इस पर रौशनी डाली
कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद SRUTI, दिल्ली के कमल चन्द ने स्टूडेंट्स में उर्जा का संचार करते हुए संविधान हमें क्या देता है, इस पर रौशनी डाली। उन्होंने संविधान की उद्देशिका में अंकित “हम भारत के लोग…” की व्याख्या करते हुए देश के हर नागरिक को गहराई से इसे समझने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक इस यात्रा के दौरान घुमंतू पुस्तकालय,पोस्टर प्रदर्शनी, मोबाइल सिनेमा और संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इसमें उपरोक्त के अलावा विशेष रूप से संस्थान के राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक प्रो. आनंद मिंज, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाश कुमार, वाणिज्य विभाग से प्रो. मनोज महतो, IQAC समन्वयक प्रो. लालती तिर्की, हिंदी विभाग से डॉ. सुप्रभा टूटी, दर्शन शास्त्र विभाग से डॉक्टर बिनीता उरांव समेत तमाम अन्य प्राध्यापक, कर्मी एवं छात्र छात्राओं की उपस्थिति एवं भागीदारी रही।
कल रविवार नवंबर को सुबह जैम स्ट्रीट में पहुंचेगी संविधान यात्रा। वहां पोस्टर प्रदर्शनी, संविधान ट्री, हस्तक्षार अभियान चलाया जाएगा।मोबाइल सिनेमा के कार्यक्रम में तीन लघु फिल्में दिखाई हैं। इस दौरान स्टूडेंट्स ने अच्छी भागीदारी निभाई। फिल्मों की कथा वस्तुओं को लेकर सवाल जवाब किया। इस दौरान संस्थान को संविधान की उद्देशिका भेंट स्वरूप दी गई।
DDC को भेंट की गई संविधान की उद्देशिका
इस क्रम में ज़िले के उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार गागराई को उनके कार्यालय में संविधान की उद्देशिका भेंट स्वरुप दी गई. उन्होंने संविधान को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ख़ास तौर पर युवाओं को संविधा की समझ बनाने की महती आवश्यकता है, क्योंकि वे ही देश के भविष्य हैं.
संविधान ट्री
लोगों ने स्टॉल पर लगी विभिन्न पुस्तकों की देखा और अध्ययन किया। इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी का सभी ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम में संविधान ट्री लगाया गया था, जिस पर लोगों ने अपने विचार पत्ते के रूप में डाला। संविधान की प्रस्तावना की प्रति टीचर्स को बांटी गई। “हम भारत के लोग” और “We the people of India” अंकित बैज भी सबको दिए गए।
हस्ताक्षर पट एवं पोस्टर प्रदर्शनी
परिसर में विभिन्न विषयों को लेकर पोस्टर लगाए गए, जिनमे देश के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विज्ञान, संवैधानिक अधिकारों को दर्शाते पोस्टर्स लगाए गए, जिनका अवलोकन संस्थान के फैकल्टी और स्टूडेंट्स ने किया। इस दौरान ख़ास तौर पर हस्ताक्षर पट भी लगाया गया, जिसमें भारत के संविधान को मानने की प्रतिज्ञा करते हुए लोगों ने अपने हस्ताक्षर किए।
उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष रूप से कॉलेज के टीचर्स और छात्र-छात्राओं समेत SRUTI, दिल्ली से आए कमल चन्द्र, आयोजन समिति के विकास कुमार, अंकुर शाश्वत, और शशांक शेखर मौजूद रहे।
संविधान का महत्व
ज्ञात हो कि इस यात्रा के द्वारा संविधान के महत्व, इतिहास और विशेषताओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर जागरूक करेंगे एवं पांचवीं अनुसूची और पेसा के तहत आदिवासी समुदायों को मिलने वाले विशेष अधिकारों और स्वायत्तता का बोध कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि समाज में वैज्ञानिक मानसिकता के विकास को भारतीय संविधान के मौलिक कर्तव्यों की सूची में शामिल किया गया है। संविधान का अनुच्छेद 51ए(एच) के अनुसार ‘भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे’।
Ghumantu Pustakalaya Yatra | Mashal News
यात्रा का उद्देश्य
इस यात्रा का उद्देश्य समाज में विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और अवैज्ञानिक मान्यताओं, अंधविश्वास, रूढ़िवादी परंपराओं आदि से मुक्ति पाने के लिए जन-जन में चेतना जगाना है।
पहल और सहयोग
आरंभ युवा मंच, जमशेदपुर और द टिस्को टेक्निकल प्रोबेटिशनर्स एसोसिएशन की अगुआई में निकाली जा रही इस यात्रा में सहयोगी की भूमिका में हैं- भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा), सांइस फॉर सोसायटी झारखंड , गांधी शांति प्रतिष्ठान ।
यात्रा के अंतर्गत कार्यक्रम
घूमंतु पुस्तकालय
इसमें हम संविधान और विज्ञान की किताबें, महान व्यक्तियों की जीवनी, बच्चों की कहानियां, कविताएं, आदिवासी इतिहास और आदिवासी नायकों के योगदान से जुड़ी पुस्तकें लेकर जा रहे हैं। बच्चों से इन पुस्तकों की सामग्री पर चर्चा भी की जा रही है।
मोबाइल सिनेमा
भारत के संविधान बनने की प्रक्रिया एवं हमारे मौलिक अधिकारों से जुड़ी फिल्मों की भी प्रदर्शनी होगी । इसके अलावा बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच लैस करने वाली विज्ञान एवं मुद्दे आधारित फिल्मों का भी चित्रण होगा।
पोस्टर प्रदर्शनी
इसमें हम संविधान की प्रस्तावना, मौलिक हक और कर्तव्य, पांचवीं अनुसूची और पेसा आदि से जुड़े पोस्टर लगाएंगे। इसके अलावा हम विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
संवैधानिक संवाद सत्र
इसमें भारत के संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ और उसमें निहित शब्दों और अर्थों पर बच्चों से बातचीत की जा रही है।
अपील
आयोजन समिति द्वारा संवैधानिक मूल्यों और वैज्ञानिक सोच के प्रसार के लिए चलने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान से जुड़ने की लोगों से अपील की गई है
संविधान यात्रा में आगे का विवरण
26 नवंबर सुबह जमशेदपुर में जैम स्ट्रीट में संविधान यात्रा

शशांक शेखर विगत 30 वर्षों से पत्रकारिता, आकाशवाणी व सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं साथ ही लघु/फीचर फिल्मों व वृत्त चित्रों के लिए कथा-लेखन का कार्य भी विगत डेढ़ दशकों से कर रहे हैं. मशाल न्यूज़ में पिछले लगभग ढाई वर्षों से कार्यरत हैं.
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